• ख़्वाब जितने भी थे राख होने दिए

    दिल को वीरान-सा इक शहर कर लिया


    ख़्वाब जितने भी थे राख होने दिए

    दिल को वीरान-सा इक शहर कर लिया


    छूट कर आप से, हम कहाँ जाएँगे

    छूट कर आप से, हम कहाँ जाएँगे


    आपके दर को ही अपना घर कर लिया


    #shayari #audioshayari

    ख़्वाब जितने भी थे राख होने दिएदिल को वीरान-सा इक शहर कर लियाख़्वाब जितने भी थे राख होने दिएदिल को वीरान-सा इक शहर कर लियाछूट कर आप से, हम कहाँ जाएँगेछूट कर आप से, हम कहाँ जाएँगेआपके दर को ही अपना घर कर लिया#shayari #audioshayari
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  • शुक्र है उस रब का जिसने, रास्ता ये दे दिया

    तुमसे मिलने का ठिकाना, ख़्वाब में ही दे दिया


    वरना मर जाते तड़प कर, हम तुम्हारी याद में

    जीने का हमको बहाना, ख़्वाब में ही दे दिया


    दिन गुज़रता है अकेले, भीड़ के इस शहर में

    पर तुम्हारा साथ प्यारा, ख़्वाब में ही दे दिया


    आँख खुलते ही हक़ीक़त, छीन लेती है तुम्हें

    जो यहाँ पूरा न हो पाया, ख़्वाब में ही दे दिया


    फासले मिटते नहीं थे, लाख कोशिश के बाद

    वो सुहाना एक ज़माना, ख़्वाब में ही दे दिया


    ख़ुश-नसीबी है हमारी, नींद आती है हमें

    प्यार का सारा खज़ाना, ख़्वाब में ही दे दिया


    #shayari #audioshayari

    शुक्र है उस रब का जिसने, रास्ता ये दे दियातुमसे मिलने का ठिकाना, ख़्वाब में ही दे दियावरना मर जाते तड़प कर, हम तुम्हारी याद मेंजीने का हमको बहाना, ख़्वाब में ही दे दियादिन गुज़रता है अकेले, भीड़ के इस शहर मेंपर तुम्हारा साथ प्यारा, ख़्वाब में ही दे दियाआँख खुलते ही हक़ीक़त, छीन लेती है तुम्हेंजो यहाँ पूरा न हो पाया, ख़्वाब में ही दे दियाफासले मिटते नहीं थे, लाख कोशिश के बादवो सुहाना एक ज़माना, ख़्वाब में ही दे दियाख़ुश-नसीबी है हमारी, नींद आती है हमेंप्यार का सारा खज़ाना, ख़्वाब में ही दे दिया#shayari #audioshayari
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  • मेरे लफ़्ज़ों की दरारों से जो छन के आ रही है,

    ये वो रोशनी है, जिसे अंधेरों ने तराशा है।


    #shayari

    मेरे लफ़्ज़ों की दरारों से जो छन के आ रही है,ये वो रोशनी है, जिसे अंधेरों ने तराशा है।#shayari
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  • कंधों पे गर्दिशों का कोई सेहरा लिए हुए,

    हम चल रहे हैं आँखों में दरिया लिए हुए।​

    साँसों की उलझनों में भी परवाज़ की है ज़िद,

    पिंजरे में हैं, मगर आसमान का नक़्शा लिए हुए।​

    झुलसा रही है धूप मुसलसल हयात की,

    तन्हा खड़े हैं हम कोई साया लिए हुए।​

    हारे नहीं हैं वक़्त की इन साज़िशों से हम,

    ज़िंदा हैं अपनी राख में शोला लिए हुए।


    #shayari

    कंधों पे गर्दिशों का कोई सेहरा लिए हुए,हम चल रहे हैं आँखों में दरिया लिए हुए।​साँसों की उलझनों में भी परवाज़ की है ज़िद,पिंजरे में हैं, मगर आसमान का नक़्शा लिए हुए।​झुलसा रही है धूप मुसलसल हयात की,तन्हा खड़े हैं हम कोई साया लिए हुए।​हारे नहीं हैं वक़्त की इन साज़िशों से हम,ज़िंदा हैं अपनी राख में शोला लिए हुए।#shayari
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  • ज़िंदगी का रास्ता तो कट रहा है,

    पर सफ़र में हौसला क्यों घट रहा है।

    हम चले थे ख़्वाब दिल में ले के सारे,

    अब नज़र से हर नज़ारा हट रहा है।


    आज मन की ये थकन भी कह रही है,

    अश्क बन कर हर उदासी बह रही है।

    एक टुकड़ा छाँव का हम ढूँढते हैं,

    धूप में ही ज़िंदगी अब रह रही है।


    हम हक़ीक़त ज़िंदगी की जानते हैं,

    दर्द को अपना मुक़द्दर मानते हैं।

    आज ख़ुद से एक वादा कर रहे हैं,

    हर ख़ुशी को दर्द में पहचानते हैं।


    #shayari #audioshayari

    ज़िंदगी का रास्ता तो कट रहा है,पर सफ़र में हौसला क्यों घट रहा है।हम चले थे ख़्वाब दिल में ले के सारे,अब नज़र से हर नज़ारा हट रहा है।आज मन की ये थकन भी कह रही है,अश्क बन कर हर उदासी बह रही है।एक टुकड़ा छाँव का हम ढूँढते हैं,धूप में ही ज़िंदगी अब रह रही है।हम हक़ीक़त ज़िंदगी की जानते हैं,दर्द को अपना मुक़द्दर मानते हैं।आज ख़ुद से एक वादा कर रहे हैं,हर ख़ुशी को दर्द में पहचानते हैं।#shayari #audioshayari
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  • धूप ने भी तल्ख़ियों से यह सिखाया हमको

    झूठ था जो रास्तों ने था बताया हमको


    तन्ज़ कसते हैं सितारे आज मेरी शब पर

    रौशनी ने ख़ुद जला कर है बुझाया हमको


    #shayari #audioshayari

    धूप ने भी तल्ख़ियों से यह सिखाया हमकोझूठ था जो रास्तों ने था बताया हमकोतन्ज़ कसते हैं सितारे आज मेरी शब पररौशनी ने ख़ुद जला कर है बुझाया हमको#shayari #audioshayari
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  • दलीलें सब तुम्हारी हैं, अदालत भी तुम्हारी है,

    मुकद्दर की सियाही पर, हुकूमत भी तुम्हारी है!


    ग़मों को इस तरह ढँकना, लबों की मुस्कुराहट से,

    तबाही पर हँसने की, ये कैसी अदाकारी है!


    #shayari #audioshayari

    दलीलें सब तुम्हारी हैं, अदालत भी तुम्हारी है,मुकद्दर की सियाही पर, हुकूमत भी तुम्हारी है!ग़मों को इस तरह ढँकना, लबों की मुस्कुराहट से,तबाही पर हँसने की, ये कैसी अदाकारी है!#shayari #audioshayari
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  • मेरा आईना मुंसिफ़ है, अदालत मेरी बाक़ी है,

    गवाह खामोशियाँ हैं अब, मलामत मेरी बाक़ी है।

    सुना कर फैसला अपना, क़लम खुद तोड़ दी मैंने,

    क़फ़स का दर खुला है, पर हिरासत मेरी बाक़ी है।


    #shayari

    मेरा आईना मुंसिफ़ है, अदालत मेरी बाक़ी है,गवाह खामोशियाँ हैं अब, मलामत मेरी बाक़ी है।सुना कर फैसला अपना, क़लम खुद तोड़ दी मैंने,क़फ़स का दर खुला है, पर हिरासत मेरी बाक़ी है।#shayari
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  • तुम्हें तो इल्म था, इस धूप की फितरत शिकारी है,

    सजे हैं ज़ख्म जो दिल पर, तुम्हारी दस्तकारी है।


    #shayari

    तुम्हें तो इल्म था, इस धूप की फितरत शिकारी है,सजे हैं ज़ख्म जो दिल पर, तुम्हारी दस्तकारी है।#shayari
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  • शजर खुद ही जला कर, छाँव की उम्मीद जारी है,
    अजब ये खुद-फ़रेबी है, अजब ये पर्दा-दारी है!
    हक़ीक़त को नज़रअंदाज़ करना खुद चुना तुमने,
    फैसला भी तुम्हारा था, तकलीफ़ भी तुम्हारी है।
    #shayari
    शजर खुद ही जला कर, छाँव की उम्मीद जारी है, अजब ये खुद-फ़रेबी है, अजब ये पर्दा-दारी है! हक़ीक़त को नज़रअंदाज़ करना खुद चुना तुमने, फैसला भी तुम्हारा था, तकलीफ़ भी तुम्हारी है। #shayari
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  • मेरी तपती ज़िंदगी का,

    हासिल-ए-सुकून हो तुम

    रूह तक जो उतर गया है,

    वो हसीं जुनून हो तुम


    मेरी तपती ज़िंदगी का...


    #shayari #audioshayari

    मेरी तपती ज़िंदगी का, हासिल-ए-सुकून हो तुमरूह तक जो उतर गया है, वो हसीं जुनून हो तुममेरी तपती ज़िंदगी का...#shayari #audioshayari
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  • तेरे नखरों का हक़दार भी मैं ही था,

    और मेरी तरह कोई निभा न पाएगा,

    मेरे जाने के बाद हर मुस्कान तेरी,

    तन्हाई में मेरा ही नाम दोहराएगा… 💫

    #अल्फ़ाज़_ए_इश्क़ #उम्दाशायरी #दिल_की_बात #तन्हाई

    तेरे नखरों का हक़दार भी मैं ही था, और मेरी तरह कोई निभा न पाएगा, मेरे जाने के बाद हर मुस्कान तेरी, तन्हाई में मेरा ही नाम दोहराएगा… 💫#अल्फ़ाज़_ए_इश्क़ #उम्दाशायरी #दिल_की_बात #तन्हाई
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