देख ली दुनिया तुम्हारी, मेहरबानी देख ली,
तुमने दी थी ऐ ख़ुदा, वो ज़िंदगानी देख ली।
काग़ज़ों की कश्तियों में पार करना था समंदर,
हौसले जो भी बचे थे, रह गए दिल केही अंदर।
उम्र के इस मोड़ पर अब और मैं क्या माँगता,
आईने में ढलती अपनी, वो जवानी देख ली।
देख ली दुनिया तुम्हारी, मेहरबानी देख ली,
तुमने दी थी ऐ ख़ुदा, वो ज़िंदगानी देख ली।
#shayari #dilselyrics #audioshayari
तुमने दी थी ऐ ख़ुदा, वो ज़िंदगानी देख ली।
काग़ज़ों की कश्तियों में पार करना था समंदर,
हौसले जो भी बचे थे, रह गए दिल केही अंदर।
उम्र के इस मोड़ पर अब और मैं क्या माँगता,
आईने में ढलती अपनी, वो जवानी देख ली।
देख ली दुनिया तुम्हारी, मेहरबानी देख ली,
तुमने दी थी ऐ ख़ुदा, वो ज़िंदगानी देख ली।
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देख ली दुनिया तुम्हारी, मेहरबानी देख ली,
तुमने दी थी ऐ ख़ुदा, वो ज़िंदगानी देख ली।
काग़ज़ों की कश्तियों में पार करना था समंदर,
हौसले जो भी बचे थे, रह गए दिल केही अंदर।
उम्र के इस मोड़ पर अब और मैं क्या माँगता,
आईने में ढलती अपनी, वो जवानी देख ली।
देख ली दुनिया तुम्हारी, मेहरबानी देख ली,
तुमने दी थी ऐ ख़ुदा, वो ज़िंदगानी देख ली।
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