शुक्र है उस रब का जिसने, रास्ता ये दे दिया
तुमसे मिलने का ठिकाना, ख़्वाब में ही दे दिया


वरना मर जाते तड़प कर, हम तुम्हारी याद में
जीने का हमको बहाना, ख़्वाब में ही दे दिया


दिन गुज़रता है अकेले, भीड़ के इस शहर में
पर तुम्हारा साथ प्यारा, ख़्वाब में ही दे दिया


आँख खुलते ही हक़ीक़त, छीन लेती है तुम्हें
जो यहाँ पूरा न हो पाया, ख़्वाब में ही दे दिया


फासले मिटते नहीं थे, लाख कोशिश के बाद
वो सुहाना एक ज़माना, ख़्वाब में ही दे दिया


ख़ुश-नसीबी है हमारी, नींद आती है हमें
प्यार का सारा खज़ाना, ख़्वाब में ही दे दिया


#shayari #audioshayari
शुक्र है उस रब का जिसने, रास्ता ये दे दिया तुमसे मिलने का ठिकाना, ख़्वाब में ही दे दिया वरना मर जाते तड़प कर, हम तुम्हारी याद में जीने का हमको बहाना, ख़्वाब में ही दे दिया दिन गुज़रता है अकेले, भीड़ के इस शहर में पर तुम्हारा साथ प्यारा, ख़्वाब में ही दे दिया आँख खुलते ही हक़ीक़त, छीन लेती है तुम्हें जो यहाँ पूरा न हो पाया, ख़्वाब में ही दे दिया फासले मिटते नहीं थे, लाख कोशिश के बाद वो सुहाना एक ज़माना, ख़्वाब में ही दे दिया ख़ुश-नसीबी है हमारी, नींद आती है हमें प्यार का सारा खज़ाना, ख़्वाब में ही दे दिया #shayari #audioshayari
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