दलीलें सब तुम्हारी हैं, अदालत भी तुम्हारी है,
मुकद्दर की सियाही पर, हुकूमत भी तुम्हारी है!
ग़मों को इस तरह ढँकना, लबों की मुस्कुराहट से,
तबाही पर हँसने की, ये कैसी अदाकारी है!
#shayari #audioshayari
दलीलें सब तुम्हारी हैं, अदालत भी तुम्हारी है,मुकद्दर की सियाही पर, हुकूमत भी तुम्हारी है!ग़मों को इस तरह ढँकना, लबों की मुस्कुराहट से,तबाही पर हँसने की, ये कैसी अदाकारी है!#shayari #audioshayari
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