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शुक्र है उस रब का जिसने, रास्ता ये दे दिया
तुमसे मिलने का ठिकाना, ख़्वाब में ही दे दिया
वरना मर जाते तड़प कर, हम तुम्हारी याद में
जीने का हमको बहाना, ख़्वाब में ही दे दिया
दिन गुज़रता है अकेले, भीड़ के इस शहर में
पर तुम्हारा साथ प्यारा, ख़्वाब में ही दे दिया
आँख खुलते ही हक़ीक़त, छीन लेती है तुम्हें
जो यहाँ पूरा न हो पाया, ख़्वाब में ही दे दिया
फासले मिटते नहीं थे, लाख कोशिश के बाद
वो सुहाना एक ज़माना, ख़्वाब में ही दे दिया
ख़ुश-नसीबी है हमारी, नींद आती है हमें
प्यार का सारा खज़ाना, ख़्वाब में ही दे दिया
#shayari #audioshayariशुक्र है उस रब का जिसने, रास्ता ये दे दिया तुमसे मिलने का ठिकाना, ख़्वाब में ही दे दिया वरना मर जाते तड़प कर, हम तुम्हारी याद में जीने का हमको बहाना, ख़्वाब में ही दे दिया दिन गुज़रता है अकेले, भीड़ के इस शहर में पर तुम्हारा साथ प्यारा, ख़्वाब में ही दे दिया आँख खुलते ही हक़ीक़त, छीन लेती है तुम्हें जो यहाँ पूरा न हो पाया, ख़्वाब में ही दे दिया फासले मिटते नहीं थे, लाख कोशिश के बाद वो सुहाना एक ज़माना, ख़्वाब में ही दे दिया ख़ुश-नसीबी है हमारी, नींद आती है हमें प्यार का सारा खज़ाना, ख़्वाब में ही दे दिया #shayari #audioshayari0 Comments 0 Shares 138 Views 1 0 ReviewsPlease log in to like, share and comment! -
नींद उड़ने लगी, ख़्वाब छाने लगे,
हम ख्यालों की महफ़िल सजाने लगे।
रात की ओट में चाँद छुप सा गया,
रात की ओट में चाँद छुप सा गया,
रूह के आइने जगमगाने लगे।
रूह के आइने जगमगाने लगे।
#shayari #audioshayariनींद उड़ने लगी, ख़्वाब छाने लगे, हम ख्यालों की महफ़िल सजाने लगे। रात की ओट में चाँद छुप सा गया, रात की ओट में चाँद छुप सा गया, रूह के आइने जगमगाने लगे। रूह के आइने जगमगाने लगे। #shayari #audioshayari0 Comments 0 Shares 91 Views 2 0 Reviews -
मेरी खामोशी जो चुभे कभी,
मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम।
मेरी बेरुखी जो रुलाए तो,
मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम।
वो जो रात-दिन की थी आशिक़ी,
वो जो बे-वजह की थी दिल्लगी,
मेरा हाथ छोड़ना राह में,
मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम।
मेरा ज़िक्र महफ़िल में आए तो,
मेरा हाल कोई बताए तो,
मेरी याद को वहीं रोक कर,
मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम।
नए रास्तों पे निकल पड़े,
नए अजनबी से जो मिल पड़े,
कटे जो सफ़र किसी और संग,
मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम।
मेरी खामोशी जो चुभे कभी,
मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम।मेरी खामोशी जो चुभे कभी, मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम। मेरी बेरुखी जो रुलाए तो, मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम। वो जो रात-दिन की थी आशिक़ी, वो जो बे-वजह की थी दिल्लगी, मेरा हाथ छोड़ना राह में, मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम। मेरा ज़िक्र महफ़िल में आए तो, मेरा हाल कोई बताए तो, मेरी याद को वहीं रोक कर, मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम। नए रास्तों पे निकल पड़े, नए अजनबी से जो मिल पड़े, कटे जो सफ़र किसी और संग, मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम। मेरी खामोशी जो चुभे कभी, मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम।0 Comments 0 Shares 215 Views 0 Reviews -
Chitthi Na Koi Sandesh Lyrics – Full Hindi Lyrics, Meaning & Inspired PoetryRead full lyrics of Chitthi Na Koi Sandesh, a heart-touching Hindi ghazal about separation and memories. Explore meaning, inspired lyrics, and video presentation. About the Song “चिट्ठी ना कोई संदेस” एक बेहद भावुक और दिल को छू लेने वाली ग़ज़ल है, जो जुदाई, यादों और अधूरे एहसासों की गहराई को बेहद सादगी से बयान करती है। यह गीत उन भावनाओं को सामने लाता है, जो किसी अपने के दूर चले...0 Comments 0 Shares 650 Views 0 Reviews
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