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अनकही सी अगन इन निगाहों में है,
इक सुहानी थकन आज बाहों में है।
लफ़्ज़ होठों पे आकर पिघलने लगे,
लफ़्ज़ होठों पे आकर पिघलने लगे,
ज़िन्दगी का सुकूँ इन पनाहों में है।
ज़िन्दगी का सुकूँ इन पनाहों में है।
#shayari #audioshayariअनकही सी अगन इन निगाहों में है, इक सुहानी थकन आज बाहों में है। लफ़्ज़ होठों पे आकर पिघलने लगे, लफ़्ज़ होठों पे आकर पिघलने लगे, ज़िन्दगी का सुकूँ इन पनाहों में है। ज़िन्दगी का सुकूँ इन पनाहों में है। #shayari #audioshayari0 Comments ·0 Shares ·57 Views ·2 Plays ·0 Reviews -
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नींद उड़ने लगी, ख़्वाब छाने लगे,
हम ख्यालों की महफ़िल सजाने लगे।
रात की ओट में चाँद छुप सा गया,
रात की ओट में चाँद छुप सा गया,
रूह के आइने जगमगाने लगे।
रूह के आइने जगमगाने लगे।
#shayari #audioshayariनींद उड़ने लगी, ख़्वाब छाने लगे, हम ख्यालों की महफ़िल सजाने लगे। रात की ओट में चाँद छुप सा गया, रात की ओट में चाँद छुप सा गया, रूह के आइने जगमगाने लगे। रूह के आइने जगमगाने लगे। #shayari #audioshayari0 Comments ·0 Shares ·59 Views ·2 Plays ·0 Reviews -
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रंग तेरी वफ़ाओं के छाने लगे,
हम भरी बज़्म में गुनगुनाने लगे।
सूखे पत्तों पे जैसे गिरी ओस हो,
सूखे पत्तों पे जैसे गिरी ओस हो,
दर्द के फूल भी मुस्कुराने लगे।
दर्द के फूल भी मुस्कुराने लगे।
#shayari #audioshayari
रंग तेरी वफ़ाओं के छाने लगे,हम भरी बज़्म में गुनगुनाने लगे।सूखे पत्तों पे जैसे गिरी ओस हो,सूखे पत्तों पे जैसे गिरी ओस हो,दर्द के फूल भी मुस्कुराने लगे।दर्द के फूल भी मुस्कुराने लगे।#shayari #audioshayari0 Comments ·0 Shares ·79 Views ·1 Plays ·0 Reviews -
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कुछ तो तिरे मौसम ही मुझे रास कम आए,
और कुछ मिरी मिट्टी में बग़ावत भी बहुत थी।
हर बार मैं झुक जाता ये मुमकिन ही नहीं था,
मुझमें मिरे किरदार की ग़ैरत भी बहुत थी।
#shayari #audioshayari
कुछ तो तिरे मौसम ही मुझे रास कम आए,और कुछ मिरी मिट्टी में बग़ावत भी बहुत थी।हर बार मैं झुक जाता ये मुमकिन ही नहीं था,मुझमें मिरे किरदार की ग़ैरत भी बहुत थी।#shayari #audioshayari0 Comments ·0 Shares ·104 Views ·2 Plays ·0 Reviews