रंग तेरी वफ़ाओं के छाने लगे,
हम भरी बज़्म में गुनगुनाने लगे।
सूखे पत्तों पे जैसे गिरी ओस हो,
सूखे पत्तों पे जैसे गिरी ओस हो,
दर्द के फूल भी मुस्कुराने लगे।
दर्द के फूल भी मुस्कुराने लगे।
#shayari #audioshayari
रंग तेरी वफ़ाओं के छाने लगे,हम भरी बज़्म में गुनगुनाने लगे।सूखे पत्तों पे जैसे गिरी ओस हो,सूखे पत्तों पे जैसे गिरी ओस हो,दर्द के फूल भी मुस्कुराने लगे।दर्द के फूल भी मुस्कुराने लगे।#shayari #audioshayari
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