Search Results
See All Results
Dilse Lyrics Dilse Lyrics Dilse Lyrics
Home
Market
See More
Market My Blogs My Products My Funding Blogs Funding
Join
Sign In Sign Up
Theme Switcher
Night Mode
Directory
Users
Posts
  • kamal singh @kamal updated the profile picture
    2026-03-21 11:11:27 ·
    0 Comments ·0 Shares ·26 Views ·0 Reviews
    Please log in to like, share and comment!
  • kamal singh @kamal updated the cover photo
    2026-03-21 11:11:43 ·
    0 Comments ·0 Shares ·24 Views ·0 Reviews
    Please log in to like, share and comment!
  • kamal singh @kamal added blog in Ghazal Lyrics
    2026-03-21 11:26:19 ·
    Chitthi Na Koi Sandesh Lyrics – Full Hindi Lyrics, Meaning & Inspired Poetry
    Read full lyrics of Chitthi Na Koi Sandesh, a heart-touching Hindi ghazal about separation and memories. Explore meaning, inspired lyrics, and video presentation. About the Song “चिट्ठी ना कोई संदेस” एक बेहद भावुक और दिल को छू लेने वाली ग़ज़ल है, जो जुदाई, यादों और अधूरे एहसासों की गहराई को बेहद सादगी से बयान करती है। यह गीत उन भावनाओं को सामने लाता है, जो किसी अपने के दूर चले...
    0 Comments ·0 Shares ·523 Views ·0 Reviews
    Please log in to like, share and comment!
  • Anupam Singh @anupam
    2026-03-26 15:41:32 ·
    दर्द ने बख़्शी है कुछ ऐसी सख़्ती मिज़ाज को
    बस तेरे इश्क़ की एक याद रेशमी रह गई

    कागज़ों पर जो उतारने लगे हम हाल-ए-दिल
    लफ़्ज़ अश्कों में बहे और कलम थमी रह गई

    #shayari
    दर्द ने बख़्शी है कुछ ऐसी सख़्ती मिज़ाज को बस तेरे इश्क़ की एक याद रेशमी रह गई कागज़ों पर जो उतारने लगे हम हाल-ए-दिल लफ़्ज़ अश्कों में बहे और कलम थमी रह गई #shayari
    0 Comments ·0 Shares ·314 Views ·0 Reviews
    Please log in to like, share and comment!
  • Anupam Singh @anupam
    2026-03-26 15:42:25 ·
    लफ़्ज़ होठों पे रुके, आँख में नमी रह गई
    पास वो होकर भी, जाने क्या कमी रह गई

    हम चले थे मुकद्दर को सँवारने ऐ दोस्त
    वक़्त की गर्द इन हाथों पे ही जमी रह गई

    #shayari
    लफ़्ज़ होठों पे रुके, आँख में नमी रह गई पास वो होकर भी, जाने क्या कमी रह गई हम चले थे मुकद्दर को सँवारने ऐ दोस्त वक़्त की गर्द इन हाथों पे ही जमी रह गई #shayari
    0 Comments ·0 Shares ·314 Views ·0 Reviews
    Please log in to like, share and comment!
  • Anupam Singh @anupam
    2026-03-26 15:43:27 ·
    दिलों की राह में ज़ख्मों का मेला क्यों है
    भरी महफ़िल में हर इंसान अकेला क्यों है

    गए जो छोड़ कर उनका गिला ही क्या करना
    मगर ये दिल अभी तक उनसे उलझा क्यों है

    #shayari
    दिलों की राह में ज़ख्मों का मेला क्यों है भरी महफ़िल में हर इंसान अकेला क्यों है गए जो छोड़ कर उनका गिला ही क्या करना मगर ये दिल अभी तक उनसे उलझा क्यों है #shayari
    0 Comments ·0 Shares ·322 Views ·0 Reviews
    Please log in to like, share and comment!
  • Anupam Singh @anupam
    2026-03-26 15:43:58 ·
    जो मुट्ठी से फिसल जाए वो रेत है शायद
    तो फिर इस रेत पर यादों का पहरा क्यों है

    बदल जाते हैं चेहरे वक़्त की ज़द में आकर
    मगर यादों का मंज़र अब भी ठहरा क्यों है

    #shayari
    जो मुट्ठी से फिसल जाए वो रेत है शायद तो फिर इस रेत पर यादों का पहरा क्यों है बदल जाते हैं चेहरे वक़्त की ज़द में आकर मगर यादों का मंज़र अब भी ठहरा क्यों है #shayari
    0 Comments ·0 Shares ·316 Views ·0 Reviews
    Please log in to like, share and comment!
  • Anupam Singh @anupam
    2026-03-26 15:48:50 ·
    टूट कर चाहा था जिसको, अजनबी वो हो गया
    देखते ही देखते सब, आंसुओं में बह गया

    रूह तक ज़ख्मी हुई है, इस कदर टूटा है दिल
    दर्द होठों पर न आया, आँख से सब कह गया

    #shayari
    टूट कर चाहा था जिसको, अजनबी वो हो गया देखते ही देखते सब, आंसुओं में बह गया रूह तक ज़ख्मी हुई है, इस कदर टूटा है दिल दर्द होठों पर न आया, आँख से सब कह गया #shayari
    0 Comments ·0 Shares ·330 Views ·0 Reviews
    Please log in to like, share and comment!
  • kamal singh @kamal
    2026-04-01 17:30:00 ·
    मेरी खामोशी जो चुभे कभी,
    मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम।
    मेरी बेरुखी जो रुलाए तो,
    मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम।


    वो जो रात-दिन की थी आशिक़ी,
    वो जो बे-वजह की थी दिल्लगी,
    मेरा हाथ छोड़ना राह में,
    मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम।


    मेरा ज़िक्र महफ़िल में आए तो,
    मेरा हाल कोई बताए तो,
    मेरी याद को वहीं रोक कर,
    मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम।


    नए रास्तों पे निकल पड़े,
    नए अजनबी से जो मिल पड़े,
    कटे जो सफ़र किसी और संग,
    मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम।
    मेरी खामोशी जो चुभे कभी,
    मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम।
    मेरी खामोशी जो चुभे कभी, मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम। मेरी बेरुखी जो रुलाए तो, मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम। वो जो रात-दिन की थी आशिक़ी, वो जो बे-वजह की थी दिल्लगी, मेरा हाथ छोड़ना राह में, मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम। मेरा ज़िक्र महफ़िल में आए तो, मेरा हाल कोई बताए तो, मेरी याद को वहीं रोक कर, मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम। नए रास्तों पे निकल पड़े, नए अजनबी से जो मिल पड़े, कटे जो सफ़र किसी और संग, मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम। मेरी खामोशी जो चुभे कभी, मुझे बेवफ़ा ही समझना तुम।
    0 Comments ·0 Shares ·161 Views ·0 Reviews
    Please log in to like, share and comment!
  • Anupam Singh @anupam added blog in Shayari
    2026-04-08 16:44:33 ·
    बातों की नमी से दिल शादाब सा लगता है | Lyrics | Shayari
    शायरी बातों की नमी से दिल शादाब स लगता है,चाहत का हर इक लम्हा नायाब स लगता है, बंजर सी ज़मीनों पर सावन की तरह आए,बंजर सी ज़मीनों पर सावन की तरह आए, कतरा भी इनायत का सैलाब स लगता है।कतरा भी इनायत का सैलाब स लगता है। 🎧 Audio Experience https://drive.google.com/file/d/16K9napnvCFxyiMrsAMbRrOEXwbDsLq9U/view?usp=sharing 💖 मतलब और एहसास यह शायरी मोहब्बत के उस एहसास को बयां करती है,...
    0 Comments ·0 Shares ·90 Views ·0 Reviews
    Please log in to like, share and comment!
  • Displaying (1-10 of 61)
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
  • Next
  • »
Upgrade to Pro
Choose the Plan That's Right for You
Upgrade
© 2026 Dilse Lyrics
English
English
About us Terms and Conditions Privacy Policy Contact Us Support Center Directory