दिलों की राह में ज़ख्मों का मेला क्यों है
भरी महफ़िल में हर इंसान अकेला क्यों है

गए जो छोड़ कर उनका गिला ही क्या करना
मगर ये दिल अभी तक उनसे उलझा क्यों है

#shayari
दिलों की राह में ज़ख्मों का मेला क्यों है भरी महफ़िल में हर इंसान अकेला क्यों है गए जो छोड़ कर उनका गिला ही क्या करना मगर ये दिल अभी तक उनसे उलझा क्यों है #shayari
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