• उसने भी साथ चलने का वादा नहीं किया,
    हमने भी लौटने का इरादा नहीं किया।


    तल्ख़ी भरी थी उसकि भी बातों में इस क़दर,
    हम ने भी अपने लहजे को सादा नहीं किया।


    बिछड़े हैं उस से हम तो बड़ी सोच-बूझ कर,
    ये फ़ैसला भी हम ने बे-इरादा नहीं किया।


    वो जा रहा था दूर, तो हम देखते रहे,
    रुकने पे उस को हमने भी आमादा नहीं किया।


    आँखों में आँसुओं का समंदर था उस घड़ी,
    इज़हार-ए-ग़म भी हमने कुछ ज़्यादा नहीं किया।


    अंदर से टूट-ते रहे हम उम्र-भर मगर,
    शिकवा लबों पे हर्फ़ से ज़्यादा नहीं किया।


    चुप-चाप अपनी आग में जलते रहे मगर,
    रो कर किसी को हम ने भी ग़म-ज़ादा नहीं किया।


    शतरंज की बिसात सी थी ज़िंदगी मगर,
    खुद को किसी के हाथ का पियादा नहीं किया।


    उसने भी साथ चलने का वादा नहीं किया,
    हमने भी लौटने का इरादा नहीं किया।


    #shayari #audioshayari #dilselyrics #ghazal
    उसने भी साथ चलने का वादा नहीं किया, हमने भी लौटने का इरादा नहीं किया। तल्ख़ी भरी थी उसकि भी बातों में इस क़दर, हम ने भी अपने लहजे को सादा नहीं किया। बिछड़े हैं उस से हम तो बड़ी सोच-बूझ कर, ये फ़ैसला भी हम ने बे-इरादा नहीं किया। वो जा रहा था दूर, तो हम देखते रहे, रुकने पे उस को हमने भी आमादा नहीं किया। आँखों में आँसुओं का समंदर था उस घड़ी, इज़हार-ए-ग़म भी हमने कुछ ज़्यादा नहीं किया। अंदर से टूट-ते रहे हम उम्र-भर मगर, शिकवा लबों पे हर्फ़ से ज़्यादा नहीं किया। चुप-चाप अपनी आग में जलते रहे मगर, रो कर किसी को हम ने भी ग़म-ज़ादा नहीं किया। शतरंज की बिसात सी थी ज़िंदगी मगर, खुद को किसी के हाथ का पियादा नहीं किया। उसने भी साथ चलने का वादा नहीं किया, हमने भी लौटने का इरादा नहीं किया। #shayari #audioshayari #dilselyrics #ghazal
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  • अलविदा कहते हुए, होंठों का वो थरथराना!
    हँसते हँसते दर्द अपना, यूँ छुपाना याद है!!


    दर्द को सीने में रख कर, मुस्कुराना याद है!
    टूटते उस रिश्ते को हर पल, निभाना याद है!!


    सामने बैठे रहे पर, लब थे दोनों के सिले!
    पास रह कर भी दिलों का, दूर जाना याद है!!


    अलविदा कहते हुए वो, काँपते से हाथ और!
    अश्क आँखों में दबा कर, लौट आना याद है!!


    आज भी तन्हाइयों में, जब कभी रोते हैं हम!
    अपने टूटे दिल को खुद ही, फिर मनाना याद है!!


    साथ हँसना, साथ रोना, वो ज़माना याद है
    बीच रस्ते में अकेला, छोड़ जाना याद है


    पास आना, दूर जाना, दिल दुखाना याद है
    हमको अबतक आशिक़ी का, वो फ़साना याद है


    #ghazal #shayari #dilselyrics
    अलविदा कहते हुए, होंठों का वो थरथराना! हँसते हँसते दर्द अपना, यूँ छुपाना याद है!! दर्द को सीने में रख कर, मुस्कुराना याद है! टूटते उस रिश्ते को हर पल, निभाना याद है!! सामने बैठे रहे पर, लब थे दोनों के सिले! पास रह कर भी दिलों का, दूर जाना याद है!! अलविदा कहते हुए वो, काँपते से हाथ और! अश्क आँखों में दबा कर, लौट आना याद है!! आज भी तन्हाइयों में, जब कभी रोते हैं हम! अपने टूटे दिल को खुद ही, फिर मनाना याद है!! साथ हँसना, साथ रोना, वो ज़माना याद है बीच रस्ते में अकेला, छोड़ जाना याद है पास आना, दूर जाना, दिल दुखाना याद है हमको अबतक आशिक़ी का, वो फ़साना याद है #ghazal #shayari #dilselyrics
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