जानते हुए भी दिल, फिर से राज़ी हो गया..
मंज़िलों के धोखे का, फिर मुसाफ़िर हो गया..


लो सफ़र शुरू हो गया,
फ़ासला हमसफ़र हो गया...
हाँ फिर सफ़र शुरू हो गया...


दो क़दम चल कर लगा था, अब सुकूँ मिल जाएगा
क्या पता था ये किनारा, फिर भँवर में लाएगा


हर कदम की ठोकरों से, आशना दिल हो गया
हाँ फिर सफ़र शुरू हो गया,
फ़ासला हमसफ़र हो गया...


लौटने की सोचना भी, अब कहाँ आसान है
बे-निशां सी ये डगर ही, अब मेरी पहचान है


ज़िंदगी के इस फ़रेब का, हमक़दम दिल हो गया


फिर सफ़र शुरू हो गया,
फ़ासला हमसफ़र हो गया...
हाँ फिर सफ़र शुरू हो गया,
फ़ासला हमसफ़र हो गया...


#shayari #audioshayari
जानते हुए भी दिल, फिर से राज़ी हो गया.. मंज़िलों के धोखे का, फिर मुसाफ़िर हो गया.. लो सफ़र शुरू हो गया, फ़ासला हमसफ़र हो गया... हाँ फिर सफ़र शुरू हो गया... दो क़दम चल कर लगा था, अब सुकूँ मिल जाएगा क्या पता था ये किनारा, फिर भँवर में लाएगा हर कदम की ठोकरों से, आशना दिल हो गया हाँ फिर सफ़र शुरू हो गया, फ़ासला हमसफ़र हो गया... लौटने की सोचना भी, अब कहाँ आसान है बे-निशां सी ये डगर ही, अब मेरी पहचान है ज़िंदगी के इस फ़रेब का, हमक़दम दिल हो गया फिर सफ़र शुरू हो गया, फ़ासला हमसफ़र हो गया... हाँ फिर सफ़र शुरू हो गया, फ़ासला हमसफ़र हो गया... #shayari #audioshayari
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