मेरे लहज़े की बर्फ़ से, ठिठुर रहे हो अगर,
मेरे लहज़े की बर्फ़ से, ठिठुर रहे हो अगर,
ज़रा अपने मिज़ाज का मौसम भी टटोल लेना।
ये जो खाली कमरों में, आवाज़ उछाली थी तुमने,
ये जो खाली कमरों में, आवाज़ उछाली थी तुमने,
गूँज बुरी लगे तो, अपनी आवाज़ तौल लेना।
गूँज बुरी लगे तो, अपनी आवाज़ तौल लेना।
#shayari #audioshayari
मेरे लहज़े की बर्फ़ से, ठिठुर रहे हो अगर,
ज़रा अपने मिज़ाज का मौसम भी टटोल लेना।
ये जो खाली कमरों में, आवाज़ उछाली थी तुमने,
ये जो खाली कमरों में, आवाज़ उछाली थी तुमने,
गूँज बुरी लगे तो, अपनी आवाज़ तौल लेना।
गूँज बुरी लगे तो, अपनी आवाज़ तौल लेना।
#shayari #audioshayari
मेरे लहज़े की बर्फ़ से, ठिठुर रहे हो अगर,
मेरे लहज़े की बर्फ़ से, ठिठुर रहे हो अगर,
ज़रा अपने मिज़ाज का मौसम भी टटोल लेना।
ये जो खाली कमरों में, आवाज़ उछाली थी तुमने,
ये जो खाली कमरों में, आवाज़ उछाली थी तुमने,
गूँज बुरी लगे तो, अपनी आवाज़ तौल लेना।
गूँज बुरी लगे तो, अपनी आवाज़ तौल लेना।
#shayari #audioshayari