दास्तान अपनी सुनाएँ तो रुला दे सब को,
हम जो ख़ामोश रहें, ये भी मलाल अच्छा है।


दिल ने हर शख़्स को बस प्यार ही बाँटा उम्र भर,
नफ़रतों के इस ज़माने में, कमाल अच्छा है।


ये जो दुनिया है, हक़ीक़त में है धोखे की तरह,
पर गुज़ारे के लिए ख़्वाबों का जाल अच्छा है।


ज़िंदगी रोज़ नए मोड़ पे ला कर पूछे..
तुम कहाँ जाओगे..
अब क्या कहें,
ये सवाल भी, अच्छा है।


#shayari #audioshayari
दास्तान अपनी सुनाएँ तो रुला दे सब को, हम जो ख़ामोश रहें, ये भी मलाल अच्छा है। दिल ने हर शख़्स को बस प्यार ही बाँटा उम्र भर, नफ़रतों के इस ज़माने में, कमाल अच्छा है। ये जो दुनिया है, हक़ीक़त में है धोखे की तरह, पर गुज़ारे के लिए ख़्वाबों का जाल अच्छा है। ज़िंदगी रोज़ नए मोड़ पे ला कर पूछे.. तुम कहाँ जाओगे.. अब क्या कहें, ये सवाल भी, अच्छा है। #shayari #audioshayari
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