तमाशा बहुत हो चुका है यहाँ...
हक़ीक़त से अब तो मिला ज़िंदगी....


किताबें यहाँ काम आईं नहीं...
तजुर्बा नया अब सिखा ज़िंदगी....


अकेले सफ़र में बहुत थक गया...
मुझे अब गले से लगा ज़िंदगी....


बड़ी दूर तक मैं चला आ गया...
ठिकाना नया अब दिखा ज़िंदगी....


#shayari #audioshayari
तमाशा बहुत हो चुका है यहाँ... हक़ीक़त से अब तो मिला ज़िंदगी.... किताबें यहाँ काम आईं नहीं... तजुर्बा नया अब सिखा ज़िंदगी.... अकेले सफ़र में बहुत थक गया... मुझे अब गले से लगा ज़िंदगी.... बड़ी दूर तक मैं चला आ गया... ठिकाना नया अब दिखा ज़िंदगी.... #shayari #audioshayari
0 Comments 0 Shares 66 Views 1 0 Reviews