टूटा जो दिल का आइना, जोड़ा नहीं गया
मुझसे तेरी वफ़ा का भरम छोड़ा नहीं गया

आंधी ने कश्तियों को किनारे लगा दिया
आंधी ने कश्तियों को किनारे लगा दिया

लहरों से पर नदी का रुख मोड़ा नहीं गया
लहरों से पर नदी का रुख मोड़ा नहीं गया

#shayari #audioshayari
टूटा जो दिल का आइना, जोड़ा नहीं गया मुझसे तेरी वफ़ा का भरम छोड़ा नहीं गया आंधी ने कश्तियों को किनारे लगा दिया आंधी ने कश्तियों को किनारे लगा दिया लहरों से पर नदी का रुख मोड़ा नहीं गया लहरों से पर नदी का रुख मोड़ा नहीं गया #shayari #audioshayari
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