मालूम है कि लौट के आना नहीं तुम्हें..
फिर इस तरह से कोई भी वादा न कीजिए।।
हँसकर हमारे हाल पे महफ़िल में बैठकर..
इस दर्द-ए-दिल का यार तमाशा न कीजिए।।
आँखों में अश्क भर के जो देखते हो तुम..
नज़रों से कत्ल करने का इरादा न कीजिए।।
मालूम है कि लौट के आना नहीं तुम्हें..
फिर इस तरह से कोई भी वादा न कीजिए।।
#shayari #audioshayari #dilselyrics
फिर इस तरह से कोई भी वादा न कीजिए।।
हँसकर हमारे हाल पे महफ़िल में बैठकर..
इस दर्द-ए-दिल का यार तमाशा न कीजिए।।
आँखों में अश्क भर के जो देखते हो तुम..
नज़रों से कत्ल करने का इरादा न कीजिए।।
मालूम है कि लौट के आना नहीं तुम्हें..
फिर इस तरह से कोई भी वादा न कीजिए।।
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मालूम है कि लौट के आना नहीं तुम्हें..
फिर इस तरह से कोई भी वादा न कीजिए।।
हँसकर हमारे हाल पे महफ़िल में बैठकर..
इस दर्द-ए-दिल का यार तमाशा न कीजिए।।
आँखों में अश्क भर के जो देखते हो तुम..
नज़रों से कत्ल करने का इरादा न कीजिए।।
मालूम है कि लौट के आना नहीं तुम्हें..
फिर इस तरह से कोई भी वादा न कीजिए।।
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