आख़िरी बार बस मुस्कुरा कर मिलो,
मौत का भी इरादा बदल जाएगा।

मुझको मेरे अँधेरों में रहने हि दो,
रौशनी से मेरा जिस्म जल जाएगा।

नर्म जज़्बात को तुम न छेड़ो अभी,
मोम सा मेरा दिल ये पिघल जाएगा।

मुझसे ऐसे मुहब्बत का दावा न कर,
ये फ़क़ीरों सा दिल फिर से छल जाएगा।

बस यूँ ही पास खड़े रहना तुम,
काँपता हौसला भी सँभल जाएगा।

आख़िरी बार बस मुस्कुरा कर मिलो,
मौत का भी इरादा बदल जाएगा।

#shayari #audioshayari #dilselyrics
आख़िरी बार बस मुस्कुरा कर मिलो, मौत का भी इरादा बदल जाएगा। मुझको मेरे अँधेरों में रहने हि दो, रौशनी से मेरा जिस्म जल जाएगा। नर्म जज़्बात को तुम न छेड़ो अभी, मोम सा मेरा दिल ये पिघल जाएगा। मुझसे ऐसे मुहब्बत का दावा न कर, ये फ़क़ीरों सा दिल फिर से छल जाएगा। बस यूँ ही पास खड़े रहना तुम, काँपता हौसला भी सँभल जाएगा। आख़िरी बार बस मुस्कुरा कर मिलो, मौत का भी इरादा बदल जाएगा। #shayari #audioshayari #dilselyrics
0 Comments 0 Shares 669 Views 2 0 Reviews