अपनी आँखों में मुझको पनाहें तो दो,
दिल का सारा अँधेरा ही जल जाएगा।

अपने सीने से मुझको लगा लो ज़रा,
ग़म का काँटा भी दिल से निकल जाएगा।

ज़िक्र गुज़रे दिनों का न छेड़ो अभी,
दर्द कोई पुराना मचल जाएगा।

मेरे ख़्वाबों को पलकों पे रोके रखो,
आँसुओं की तरह ये फिसल जाएगा।

अपने क़दमों से आगे न जाने दो तुम,
वर्ना पैरों तले दिल कुचल जाएगा।

अपनी आँखों में मुझको पनाहें तो दो,
दिल का सारा अँधेरा ही जल जाएगा।

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अपनी आँखों में मुझको पनाहें तो दो, दिल का सारा अँधेरा ही जल जाएगा। अपने सीने से मुझको लगा लो ज़रा, ग़म का काँटा भी दिल से निकल जाएगा। ज़िक्र गुज़रे दिनों का न छेड़ो अभी, दर्द कोई पुराना मचल जाएगा। मेरे ख़्वाबों को पलकों पे रोके रखो, आँसुओं की तरह ये फिसल जाएगा। अपने क़दमों से आगे न जाने दो तुम, वर्ना पैरों तले दिल कुचल जाएगा। अपनी आँखों में मुझको पनाहें तो दो, दिल का सारा अँधेरा ही जल जाएगा। #shayari #audioshayari #dilselyrics
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