वही है मंज़र, वही है महफ़िल
मगर अधूरे से हम यहाँ हैं
तलाश जिसकी ज़मीन पर थी
वो आसमाँ का कोई निशाँ है
तलाश जिसकी ज़मीन पर थी
वो आसमाँ का कोई निशाँ है
#shayari #audioshayari
मगर अधूरे से हम यहाँ हैं
तलाश जिसकी ज़मीन पर थी
वो आसमाँ का कोई निशाँ है
तलाश जिसकी ज़मीन पर थी
वो आसमाँ का कोई निशाँ है
#shayari #audioshayari
वही है मंज़र, वही है महफ़िल
मगर अधूरे से हम यहाँ हैं
तलाश जिसकी ज़मीन पर थी
वो आसमाँ का कोई निशाँ है
तलाश जिसकी ज़मीन पर थी
वो आसमाँ का कोई निशाँ है
#shayari #audioshayari