ज़िंदगी से मिले हैं जो ग़म उम्र भर
आज उनको ग़ज़ल में सुनाने दे

राज़-ए-दिल कब तलक हम छुपा कर रखें
आज हर बात खुल कर बताने दे

ख़्वाब जितने भी आँखों में सोए रहे
आज पलकों पे उनको सजाने दे

छोड़ आए हैं पीछे वो गलियाँ सभी
एक नई दुनिया मुझको बसाने दे

#shayari #audioshayari
ज़िंदगी से मिले हैं जो ग़म उम्र भर आज उनको ग़ज़ल में सुनाने दे राज़-ए-दिल कब तलक हम छुपा कर रखें आज हर बात खुल कर बताने दे ख़्वाब जितने भी आँखों में सोए रहे आज पलकों पे उनको सजाने दे छोड़ आए हैं पीछे वो गलियाँ सभी एक नई दुनिया मुझको बसाने दे #shayari #audioshayari
0 Comments 0 Shares 269 Views 0 0 Reviews