रूह में जो बस गया है, वो फ़साना याद है
ख़ुद को खोकर तेरी ख़ातिर, तुझको पाना याद है
जिस्म-ओ-जाँ के फ़ासले, जिस दम मिटे थे दरमियाँ
और मेरे वजूद में, तेरा समाना याद है
रूह में जो बस गया है, वो फ़साना याद है
#shayari #audioshayari
ख़ुद को खोकर तेरी ख़ातिर, तुझको पाना याद है
जिस्म-ओ-जाँ के फ़ासले, जिस दम मिटे थे दरमियाँ
और मेरे वजूद में, तेरा समाना याद है
रूह में जो बस गया है, वो फ़साना याद है
#shayari #audioshayari
रूह में जो बस गया है, वो फ़साना याद है
ख़ुद को खोकर तेरी ख़ातिर, तुझको पाना याद है
जिस्म-ओ-जाँ के फ़ासले, जिस दम मिटे थे दरमियाँ
और मेरे वजूद में, तेरा समाना याद है
रूह में जो बस गया है, वो फ़साना याद है
#shayari #audioshayari