उसूलों पे जहाँ आँच आये, टकराना ज़रूरी है
जो ज़िन्दा हों तो फिर, ज़िन्दा नज़र आना ज़रूरी है

बहुत बेबाक आँखों में ताल्लुक टिक नहीं पाता
मुहब्बत में कशिश रखने को, शर्माना ज़रूरी है

सलीक़ा ही नहीं शायद उसे महसूस करने का
जो कहता है ख़ुदा है, तो नज़र आना ज़रूरी है

मेरे होंठों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो
कि इसके बाद भी दुनिया में, कुछ पाना ज़रूरी है

#shayari #audioshayari
उसूलों पे जहाँ आँच आये, टकराना ज़रूरी है जो ज़िन्दा हों तो फिर, ज़िन्दा नज़र आना ज़रूरी है बहुत बेबाक आँखों में ताल्लुक टिक नहीं पाता मुहब्बत में कशिश रखने को, शर्माना ज़रूरी है सलीक़ा ही नहीं शायद उसे महसूस करने का जो कहता है ख़ुदा है, तो नज़र आना ज़रूरी है मेरे होंठों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इसके बाद भी दुनिया में, कुछ पाना ज़रूरी है #shayari #audioshayari
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