दर्द ने बख़्शी है कुछ ऐसी सख़्ती मिज़ाज को
बस तेरे इश्क़ की एक याद रेशमी रह गई

कागज़ों पर जो उतारने लगे हम हाल-ए-दिल
लफ़्ज़ अश्कों में बहे और कलम थमी रह गई

#shayari
दर्द ने बख़्शी है कुछ ऐसी सख़्ती मिज़ाज को बस तेरे इश्क़ की एक याद रेशमी रह गई कागज़ों पर जो उतारने लगे हम हाल-ए-दिल लफ़्ज़ अश्कों में बहे और कलम थमी रह गई #shayari
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