कहने को आज हम्म्में, कोई बेबसी नहीं..
लेकिन हमारे शहर में कोई रौशनी नहीं...
हम अपनी वफ़ा में यूँ.. मजबूर हो गए..
जलते हुए चराग़ थे, बेनूर हो गए...


#dilselyrics #shayari
कहने को आज हम्म्में, कोई बेबसी नहीं.. लेकिन हमारे शहर में कोई रौशनी नहीं... हम अपनी वफ़ा में यूँ.. मजबूर हो गए.. जलते हुए चराग़ थे, बेनूर हो गए... #dilselyrics #shayari
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